शायद दिल खफ़ा था उसका,
ज़माने से गीली, मेरी आँखों में जमा, नमक देख कर,
अहसान कर गया, वो कह के, "ना निकलेंगे अब तेरे आँसूं",
जब गुज़रा बगल से, मेरे चेहरे पर, एसिड फेंक कर ।।
अहसान कर गया, वो कह के, "ना निकलेंगे अब तेरे आँसूं",
जब गुज़रा बगल से, मेरे चेहरे पर, एसिड फेंक कर ।।
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लेखनी: अजय चहल 'मुसाफ़िर'
चेन्नई, भारत
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A Tamil Movie referred by C. Srishilan:
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| There are so many victims like Sonali |
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