अजय चहल 'मुसाफ़िर'

सोमवार, 4 सितंबर 2017

अहसान

शायद दिल खफ़ा था उसका,
ज़माने से गीली, मेरी आँखों में जमा, नमक देख कर,
अहसान कर गया, वो कह के, "ना निकलेंगे अब तेरे आँसूं",
जब गुज़रा बगल से, मेरे चेहरे पर, एसिड फेंक कर ।।

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लेखनी: अजय चहल 'मुसाफ़िर'
चेन्नई, भारत
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A Tamil Movie referred by C. Srishilan:
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There are so many victims like Sonali

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