अजय चहल 'मुसाफ़िर'

बुधवार, 6 सितंबर 2017

मुस्कान

शान मेरी देखने वालो,
मुस्कान मेरी देखने वालो,
गर पूछो, मेरे अंदर है, क्या चल रहा ?
तो पूछो ज़रा, उस रौशन सितारे से,
क्यों अंदर से है, वो जल रहा ?

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लेखनी: अजय चहल 'मुसाफ़िर'
चेन्नई, भारत

PC: space.com

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