अजय चहल 'मुसाफ़िर'

शुक्रवार, 12 मई 2023

प्यार

हवा में जो ये खुशबू है, 
फूलों पे जो ये बहार है।

लोग कहते हैं, कुदरत है,
मैं कहता हूं, ये प्यार है।
~
मुसाफ़िर

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