अजय चहल 'मुसाफ़िर'

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

ख़ास

अब तुम दूर रहो, या रहो तुम पास,
दिल में हो बसे, रहोगे हमेशा ख़ास

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लेखनी:
अजय चहल मुसाफिर
चेन्नई, भारत

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